व्यावसायिक या घरेलू ट्रेडमिल के दैनिक उपयोग में, लुब्रिकेशन सिस्टम का रखरखाव सीधे तौर पर इसकी परिचालन क्षमता, शोर स्तर और सेवा जीवन को प्रभावित करता है। लुब्रिकेटिंग ऑयल का सही चयन और उपयोग न केवल घर्षण हानि को कम करता है, बल्कि मोटर पर भार को भी कम करता है, जिससे ट्रेडमिल का दीर्घकालिक स्थिर संचालन सुनिश्चित होता है। यह लेख ट्रेडमिल लुब्रिकेटिंग ऑयल के प्रकार, उपयोग के परिदृश्य, उपयोग के तरीके और रखरखाव संबंधी सुझावों पर विस्तार से चर्चा करेगा, जिससे उपयोगकर्ताओं को वैज्ञानिक लुब्रिकेशन प्रबंधन रणनीतियों में महारत हासिल करने में मदद मिलेगी।
1. ट्रेडमिल को नियमित रूप से चिकनाई की आवश्यकता क्यों होती है?
ट्रेडमिल के रनिंग बेल्ट और रनिंग बोर्ड के बीच, साथ ही ट्रांसमिशन सिस्टम में गियर और बेयरिंग के बीच निरंतर गति के दौरान घर्षण होता है। यदि उचित लुब्रिकेशन न हो, तो इससे निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:
घर्षण प्रतिरोध में वृद्धि → मोटर पर भार बढ़ाती है और मोटर का जीवनकाल कम करती है।
रनिंग बेल्ट का तेजी से घिसना → जिसके कारण रनिंग बेल्ट में खिंचाव, विकृति या समय से पहले टूट-फूट हो सकती है।
शोर और कंपन में वृद्धि → उपयोगकर्ता अनुभव को प्रभावित करती है और यहां तक कि यांत्रिक खराबी का कारण भी बन सकती है।
ऊष्मा का संचय → चिकनाई वाले तेल की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज करता है और चिकनाई के प्रभाव को कम करता है।
इसलिए, नियमित रूप से चिकनाई लगाना ट्रेडमिल के रखरखाव की मुख्य कड़ी है, जो उपकरण की विश्वसनीयता और उपयोगकर्ता के अनुभव को सीधे प्रभावित करती है।

2. ट्रेडमिल लुब्रिकेटिंग ऑयल के प्रकार और विशेषताएं
ट्रेडमिल का लुब्रिकेटिंग ऑयल साधारण इंजन ऑयल नहीं होता, बल्कि यह कम चिपचिपाहट वाला, उच्च तापमान प्रतिरोधी और जंग रोधी लुब्रिकेंट होता है जिसे विशेष रूप से खेल उपकरणों के लिए डिज़ाइन किया गया है। लुब्रिकेटिंग ऑयल के सामान्य प्रकारों में शामिल हैं:
(1) सिलिकॉन आधारित चिकनाई वाला तेल (स्नेहक)
विशेषताएं: उच्च चिपचिपाहट स्थिरता, ताप प्रतिरोध (200°C से अधिक तक), धूल का चिपकना नहीं, अधिकांश घरेलू और वाणिज्यिक ट्रेडमिलों के लिए उपयुक्त।
लाभ: वाष्पशील नहीं, दीर्घकालिक स्थिर स्नेहन प्रभाव, और रबर और प्लास्टिक के पुर्जों के लिए संक्षारक नहीं।
उपयुक्त परिस्थितियाँ: मानक रनिंग बेल्ट स्नेहन, विशेष रूप से उच्च आर्द्रता वाले वातावरण के लिए उपयुक्त।
(2) पॉलीटेट्राफ्लोरोएथिलीन (पीटीएफई) स्नेहक (टेफ्लॉन ग्रीस)
विशेषताएं: इसमें सूक्ष्म आकार के पीटीएफई कण होते हैं, जो एक अति पतली चिकनाई वाली परत बनाते हैं, जिससे घर्षण गुणांक 0.05 से 0.1 तक कम हो जाता है (सामान्य चिकनाई वाले तेल के लिए लगभग 0.1 से 0.3)।
लाभ: अत्यंत कम घर्षण प्रतिरोध, उच्च भार वाले संचरण प्रणालियों के लिए उपयुक्त, और चलने वाले बेल्ट और मोटरों के जीवनकाल को बढ़ा सकता है।
उपयुक्त परिस्थितियाँ: वाणिज्यिक ट्रेडमिल या बार-बार उपयोग किए जाने वाले उपकरण, जहाँ उच्च स्तर के स्नेहन प्रदर्शन की आवश्यकता होती है।
(3) मोम आधारित चिकनाई वाला तेल (मोम आधारित स्नेहक)
विशेषताएं: ठोस मोमी स्नेहक, जो गर्म करने या दबाव के माध्यम से प्रवेश करके एक चिकनाई वाली परत बनाता है, जो दीर्घकालिक रखरखाव-मुक्त आवश्यकताओं के लिए उपयुक्त है।
लाभ: लगभग वाष्पशील नहीं, प्रदूषण रोधी क्षमता प्रबल, कठोर वातावरणों (जैसे जिम, आउटडोर प्रशिक्षण केंद्र) के लिए उपयुक्त।
उपयुक्त परिस्थितियाँ: ट्रेडमिल का कम बार उपयोग या उच्च स्वच्छता आवश्यकताओं वाले स्थान।
नोट: WD-40, इंजन ऑयल या खाना पकाने के तेल जैसे गैर-विशेषज्ञ स्नेहकों का उपयोग करने से बचें, क्योंकि वे रबर की रनिंग बेल्ट को खराब कर सकते हैं, धूल को आकर्षित कर सकते हैं या फिसलन पैदा कर सकते हैं।

3. ट्रेडमिल लुब्रिकेटिंग ऑयल के उपयोग के तरीके और सर्वोत्तम अभ्यास
सही स्नेहन विधि का सीधा प्रभाव स्नेहन के असर और उपकरण के सेवाकाल पर पड़ता है। वैज्ञानिक स्नेहन के प्रमुख चरण निम्नलिखित हैं:
(1) सुझाई गई स्नेहन आवृत्ति
घरेलू ट्रेडमिल (सप्ताह में 3 बार से अधिक उपयोग न करें): हर 3 से 6 महीने में एक बार चिकनाई लगाएं।
व्यावसायिक ट्रेडमिल (अक्सर उपयोग किए जाने वाले, प्रतिदिन 2 घंटे या उससे अधिक): हर 1 से 3 महीने में एक बार चिकनाई लगाएं, या निर्माता द्वारा अनुशंसित अनुसार समायोजित करें।
पर्यावरणीय कारक प्रभावित करते हैं: उच्च तापमान, उच्च आर्द्रता या अधिक धूल वाले वातावरण में, स्नेहन चक्र को छोटा किया जाना चाहिए।
(2) स्नेहन से पहले की तैयारियाँ
इंजन बंद करें और रनिंग बेल्ट को साफ करें: रनिंग बेल्ट और रनिंग बोर्ड से धूल, पसीना या बचा हुआ पुराना लुब्रिकेंट हटाने के लिए एक मुलायम कपड़े का इस्तेमाल करें।
रनिंग बेल्ट की कसावट की जांच करें: रनिंग बेल्ट को एक उंगली से आसानी से 10 से 15 मिमी तक दबाया जा सकना चाहिए (बहुत ज्यादा कसावट और बहुत ज्यादा ढीलापन दोनों ही चिकनाई के प्रभाव को प्रभावित करेंगे)।
उपयुक्त स्नेहन बिंदु का चयन करें: आमतौर पर यह चलने वाली बेल्ट के नीचे का केंद्रीय क्षेत्र होता है (किनारा नहीं), ताकि स्नेहक मोटर या नियंत्रण बोर्ड में न फैले।
(3) स्नेहन संचालन के चरण
समान रूप से लगाने का तरीका: उपकरण के साथ दिए गए विशेष लुब्रिकेटिंग ब्रश या ड्रॉपर का उपयोग करके, चलती बेल्ट के ठीक नीचे बीच में 3 से 5 मिलीलीटर लुब्रिकेटिंग तेल लगाएं (बहुत अधिक तेल लगाने से फिसलन हो सकती है, जबकि बहुत कम तेल लगाने से अपर्याप्त लुब्रिकेशन होगा)।
चिकनाई का मैन्युअल वितरण: चिकनाई वाले तेल से पूरी संपर्क सतह को समान रूप से ढकने के लिए चलती बेल्ट को धीरे से घुमाएँ (या इसे मैन्युअल रूप से हिलाएँ)।
परीक्षण प्रक्रिया: इंजन को चालू करें और 1 से 2 मिनट तक कम गति (लगभग 3 से 5 किमी/घंटा) पर चलाएं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि स्नेहक समान रूप से वितरित हो गया है और कोई असामान्य शोर नहीं हो रहा है।
पेशेवर सलाह: कुछ उच्च-स्तरीय ट्रेडमिल स्व-चिकनाई वाले रनिंग बेल्ट सिस्टम (जैसे कार्बन फाइबर लेपित रनिंग बेल्ट) का उपयोग करते हैं, जिससे बाहरी स्नेहन की आवश्यकता कम हो सकती है, लेकिन नियमित निरीक्षण अभी भी आवश्यक है।
पोस्ट करने का समय: 27 अक्टूबर 2025
